नूतन को कुछ भी आसानी से नहीं मिला। खूब मेहनत करनी पड़ी। ‘मुगले आजम’ ने मधुबाला को, ‘पाकीजा’ ने मीना कुमारी को और ‘गाइड’ ने जिस तरह से वहीदा रहमान को भारतीय सिनेमा में अमर कर दिया, वैसी कोई सुपर डुपर हिट फिल्म नूतन को नहीं मिली।
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