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Friday, September 21, 2018

फिल्म बत्ती गुल मीटर चालू की समीक्षा: हंसी के लिफाफे में बंद एक अहम मुद्दा

फिल्म बिजली जैसी आम समस्या से जुड़ी है। देश में शायद ही कोई ऐसी जगह हो जहां बिजली का निजीकरण किया गया हो और फिर उपभोक्ताओं के पास बड़ी राशि के बिल न आते हों। निर्देशक ने इस समस्या को फिल्म में जोरदार ढंग से उठाया है।

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