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Thursday, October 18, 2018

हमारी याद आएगी: पचासी झटके और 35 शहरों में सिल्वर जुबिली

मोहन सहगल। (1 दिसंबर, 1921-19 अक्तूबर, 2005): मोहन सहगल भारतीय सांस्कृतिक केंद्र अल्मोड़ा से निकलकर 1947 में मुंबई आए। कुछेक फिल्मों में अभिनय किया। 1954 की ‘औलाद’ से निर्देशक बने। उन्होंने ‘कन्यादान’, ‘सावन भादों’, ‘राजा जानी’, ‘एक ही रास्ता’, ‘कर्तव्य’, ‘देवर’ जैसी फिल्में बनार्इं। 1989 में प्रदर्शित ‘कसम सुहाग की’ उनकी अंतिम फिल्म थी। आज मोहन सहगल की 13वीं पुण्यतिथि है।

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