1930 के दशक में जब फिल्मजगत में कंप्यूटर ग्राफिक्स नहीं थे, किसी ने सॉफ्टवेयर और स्पेशल इफेट्स का नाम भी नहीं सुना था, गुजरात से चार जमात पास एक युवक ने सिर्फ काले धागे से हिंदी फिल्मों में स्पेशल इफेक्टस की शुरुआत कर दी थी। यही युवा बाद में हिंदी सिनेमा में ट्रिक फोटोग्राफी के पितामह, बाबूभाई मिस्त्री, के नाम से मशहूर हुआ। बाबूभाई की कल, गुरुवार, आठवीं पुण्यतिथि थी।
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