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Thursday, January 31, 2019

सुदीप पांडेय पर्दापणः चालीस भोजपुरी फिल्मों के बाद हिंदी फिल्म में दस्तक

सीने की स्याही से जो लिखते हैं इरादों को, उनकी किस्मत के पन्ने कोरे नहीं होते। यह शेर उन सभी पर लागू होता है जो अपनी मेहनत से अपनी नींव मजबूत करते हैं।

from Jansattaमनोरंजन – Jansatta http://bit.ly/2sXQpyu

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