कितनी बदल गई है युवा पीढ़ी। इन दिनों युवाओं का जोश देखना हो तो मेट्रो में देखिए। उस दिन एक युवती जिस तरह से अपने मित्र से गले लगी, उसे सभी यात्री देखते रह गए थे। पश्चिम की आधुनिक सभ्यता ने इस खास दिन को दिल से अंगीकार किया है। सेंट वेलेंटाइन की कहानी का मर्म समझते हुए उसकी पावनता को भी महत्त्व दिया है। और जब हमारी बारी आती है तो हमारे विचार क्यों संकुचित हो जाते हैं? द लास्ट कोच शृंखला में प्रेम की नई परिभाषा बता रहे हैं संजय स्वतंत्र।
from Jansattaमनोरंजन – Jansatta https://ift.tt/2tZVL0w
Az
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
मुझे मोदी से नफरत नहीं लेकिन चेहरा देखते ही गुस्सा आ जाता है- कॉमेडियन ने शेयर किया वीडियो, मिले ऐसे जवाब
कॉमेडियन कुणाल कामरा अक्सर मोदी सरकार पर मजाकिया टिप्पणी करते रहते हैं। इसी बहाने वह सरकार पर तीखा तंज भी कसते हैं। अब कामरा ने एक वीडियो शे...
-
55 वर्षीय अमित शाह रविवार को कोरोना पॉजिटिव पाए गए। जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए गुड़गांव स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। f...
-
माधुरी दीक्षित छोटे परदे पर हों या बड़े परदे पर, हमेशा लाजवाब अभिनय करती हैं। जल्द ही उनकी फिल्म ‘टोटल धमाल’ आने वाली है। हाल में इस फिल्म का...
-
अभिषेक बच्चन ने कोरोना वायरस से जंग जीत ली है। 28 दिन बाद अभिषेक बच्चन की कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई है। from Jansattaमनोरंजन – Jan...
No comments:
Post a Comment