अंग्रेजों की सेना छोड़कर गीतकार आनंद बख्शी, संगीतकार खय्याम और मदन मोहन फिल्मों में आए और अपना अलग मकाम बनाया। मदन मोहन ने ‘ये दुनिया ये महफिल मेरे काम की नहीं...’, ‘बैयां न धरो...’, ‘कोई पत्थर से न मारे मेरे दीवाने को...’,‘मेरी याद में तुम न आंसू बहाना...’ जैसे कई मधुर गाने बनाए। 14 जुलाई, मंगलवार, को उनकी 45वीं पुण्यतिथि थी।
from Jansattaमनोरंजन – Jansatta https://ift.tt/2CiZZV7
Az
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
मुझे मोदी से नफरत नहीं लेकिन चेहरा देखते ही गुस्सा आ जाता है- कॉमेडियन ने शेयर किया वीडियो, मिले ऐसे जवाब
कॉमेडियन कुणाल कामरा अक्सर मोदी सरकार पर मजाकिया टिप्पणी करते रहते हैं। इसी बहाने वह सरकार पर तीखा तंज भी कसते हैं। अब कामरा ने एक वीडियो शे...
-
55 वर्षीय अमित शाह रविवार को कोरोना पॉजिटिव पाए गए। जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए गुड़गांव स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। f...
-
माधुरी दीक्षित छोटे परदे पर हों या बड़े परदे पर, हमेशा लाजवाब अभिनय करती हैं। जल्द ही उनकी फिल्म ‘टोटल धमाल’ आने वाली है। हाल में इस फिल्म का...
-
अभिषेक बच्चन ने कोरोना वायरस से जंग जीत ली है। 28 दिन बाद अभिषेक बच्चन की कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई है। from Jansattaमनोरंजन – Jan...
No comments:
Post a Comment