Az

Friday, October 9, 2020

संकटकालः बड़े सितारे, बड़ा बजट, बड़ी मुसीबत और धंधा आधा

इस साल सात महीनों से कोरोना विषाणु संक्रमण के चलते सारे सिनेमाघर बंद हैं । सात महीने की पूर्णबंदी ने करोड़ों की लागत से बनी फिल्मों की रफ्तार धीमी कर दी, उनके निर्माण का समय बढ़ा दिया और कई फिल्मों को डिब्बे में बंद करवा दिया। पूर्णबंदी हटाने के पांचवें दौर तक आते -आते फिल्मों की शूटिंग करने और सिनेमाघरों को खोलने की घोषणा की जा चुकी है। फिल्मजगत बुरे दौर से उबर रहा है मगर निर्माताओं की मुसीबत है कि उनके पास बड़े सितारे, बड़े बजट की फिल्में हैं और उन्हें ‘आधी क्षमता, आधा धंधा’ के दम पर इन फिल्मों की लागत निकालनी है।

from Jansattaमनोरंजन – Jansatta https://ift.tt/36Pbqka

No comments:

Post a Comment

मुझे मोदी से नफरत नहीं लेकिन चेहरा देखते ही गुस्सा आ जाता है- कॉमेडियन ने शेयर किया वीडियो, मिले ऐसे जवाब

कॉमेडियन कुणाल कामरा अक्सर मोदी सरकार पर मजाकिया टिप्पणी करते रहते हैं। इसी बहाने वह सरकार पर तीखा तंज भी कसते हैं। अब कामरा ने एक वीडियो शे...