अंतरिक्ष में अपनी पैठ बनाने के चक्कर में दुनिया के अधिकांश देश ज्यादा से ज्यादा उपग्रह प्रक्षेपित कर रहे हैं। ऐसे में अंतरिक्ष में जमा हो रहे मलबे का खतरा बढ़ रहा है। मानव निर्मित मलबे आठ किलोमीटर प्रति सेकेंड की गति से धरती का चक्कर लगा रहे हैं। दूसरी ओर, उपग्रहों के टकराने से बना मलबा 40 हजार किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चक्कर काटता है।
from Jansattaटेक्नोलॉजी – Jansatta https://ift.tt/3vn4unC
Az
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
मुझे मोदी से नफरत नहीं लेकिन चेहरा देखते ही गुस्सा आ जाता है- कॉमेडियन ने शेयर किया वीडियो, मिले ऐसे जवाब
कॉमेडियन कुणाल कामरा अक्सर मोदी सरकार पर मजाकिया टिप्पणी करते रहते हैं। इसी बहाने वह सरकार पर तीखा तंज भी कसते हैं। अब कामरा ने एक वीडियो शे...
-
55 वर्षीय अमित शाह रविवार को कोरोना पॉजिटिव पाए गए। जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए गुड़गांव स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। f...
-
माधुरी दीक्षित छोटे परदे पर हों या बड़े परदे पर, हमेशा लाजवाब अभिनय करती हैं। जल्द ही उनकी फिल्म ‘टोटल धमाल’ आने वाली है। हाल में इस फिल्म का...
-
अभिषेक बच्चन ने कोरोना वायरस से जंग जीत ली है। 28 दिन बाद अभिषेक बच्चन की कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई है। from Jansattaमनोरंजन – Jan...
No comments:
Post a Comment