Az

Thursday, September 13, 2018

हमारी याद आएगी: …और गब्बर बच गया

गोपालदास परमानंद सिपाहिमलानी यानी जीपी सिप्पी ने 1965 से लेकर 1975 तक मिट्टी भी छुई, तो सोना बन गई। इस दौर में ‘मेरे सनम’, ‘राज’, ‘ब्रह्मचारी’, ‘बंधन’, ‘अंदाज’, ‘सीता और गीता’ ने बॉक्स आॅफिस पर खूब कमाई की। इस कारोबारी, वकील, भवन निर्माता, फिल्म निर्माता-निर्देशक ने 17 फिल्में बनाई। आधा दर्जन निर्देशित भी कीं, मगर ‘शोले’ कंपनी के लिए टकसाल साबित हुई। फिल्म फेडरेशन आॅफ इंडिया, प्रोड्यूसर्स गिल्ड जैसी संस्थाओं के अध्यक्ष रहे जीपी सिप्पी की आज 104वीं जयंती है।

from Jansattaमनोरंजन – Jansatta https://ift.tt/2p6LKIY

No comments:

Post a Comment

मुझे मोदी से नफरत नहीं लेकिन चेहरा देखते ही गुस्सा आ जाता है- कॉमेडियन ने शेयर किया वीडियो, मिले ऐसे जवाब

कॉमेडियन कुणाल कामरा अक्सर मोदी सरकार पर मजाकिया टिप्पणी करते रहते हैं। इसी बहाने वह सरकार पर तीखा तंज भी कसते हैं। अब कामरा ने एक वीडियो शे...